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कड़वे प्रवचन - Kadve Pravachan in Hindi किसी के Professional Life की Success Tips

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Kadave Parvachan in hindi


भले हीं आपकी राजनीति में रूचि न हो, लेकिन आपमें राजनितिक समझ जरुर होनी चाहिए.

• वोट नहीं डालने वाले लोग…… वोट नहीं डालकर भ्रष्ट लोगों की मदद करते हैं.

• नाजायज चीजें हमेशा नाजायज होती हैं……. चाहे बात प्यार या जंग की हीं क्यों न हो. प्यार और जंग में भी नाजायज चीजें, नाजायज हीं होती है.

• लोग केवल अपने गलत कामों को सही ठहराने के लिए कहते हैं कि “प्यार और जंग में सब जायज है.

• आप जिससे प्यार करते हैं अगर उससे शादी करने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं……. तो आपको अपने प्रेमी या प्रेमिका की शादी के बाद अपने प्रेमी या प्रेमिका से प्रेम सम्बन्ध रखना अंत में कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देता है.

• वैसा मजाक किसी के साथ मत कीजिए जैसा मजाक आप सहन नहीं कर सकते हैं.

• या तो उसी से शादी कीजिए जिससे आप प्यार करते हैं. और अगर आप अपने प्रेमी / प्रेमिका से शादी नहीं कर पाते हैं, तो ईमानदारी से अपने पति / पत्नी से प्यार कीजिए.

• दूसरों के भरोसे जिंदगी जीने वाले लोग हमेशा दुखी रहते हैं. इसलिए अगर हम सूखी जीवन जीना चाहते हैं, तो हमें आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी चाहिए.

• संघर्ष के बिना मिली सफलता को सम्भालना बड़ा मुश्किल होता है.

• Shortcut से मिली हुई चीज टिकाऊ नहीं होती है.

• परम्पराओं और कुप्रथाओं में बारीक़ फर्क होता है.

• किसी के Professional Life की सफलता देखकर हीं उसके दीवाने मत बन जाइए. क्योंकि बुरा व्यक्ति घातक और मक्कार हीं होता है चाहे वह कितना हीं सफल क्यों न हो गया हो.

• किसी के उपर भी बहुत अधिक भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि न जाने कब सामने वाला व्यक्ति बदल जाये.

• जहाँ अधिकार के साथ कर्तव्यपालन नहीं सिखाया जाता है, वहाँ अधिकार लोगों को उदंड बना देता है.

• एक कुप्रथा को खत्म करने के नाम पर नई कुप्रथा को जन्म देना महामूर्खता है.


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सफल होना है तो छोड़िए बहाने बनाना - Awesome Hindi Essay on Success

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Hindi Essay on Success

याद है जब हम छोटे थे तो बात बात में बहाने बनाते थे| स्कूल में मार से बचने के लिए बहाने, मम्मी की डांट से बचने के लिए बहाने| खुद को बचाने के लिए ना जाने हमने कितनी बार नए नए बहाने बनाए लेकिन बड़े होकर वही बहाने बनाने की आदत आज हमें आगे बढ़ने से रोक रही है| हमने हर बात में बहाना बनाना सीख लिया है, खुद को बचाना सीख लिया है|

स्कूल से घर आके पूरी शाम हम दोस्तों के साथ मस्ती करते थे फिर और अगले दिन स्कूल में आकर बोलते थे – हमने होम वर्क कर लिया था लेकिन कॉपी घर रह गई|

स्कूल में मार्क्स कम आए तो – टीचर स्कूल में सही से नहीं पढ़ाते थे, मेरी बुक खो गई थी ,फिर बहाना
फिर जब हम बड़े हो जाते हैं तो ये आदत अब भी हमारा पीछा नहीं छोड़ती| हम कभी भी अपनी गलती नहीं मानते हमेशा अपनी गलती के लिए दूसरों को दोषी बता देते हैं और खुद बहाना बना कर बच जाते हैं|

ऑफिस के लिए लेट हुए तो – ट्रैफिक का बहाना,,, “मेरी कोई गलती नहीं है, ट्रैफिक था इसलिए लेट हुआ ”
बिज़निस में फेल हुए तो – किस्मत का बहाना,,, “मेरी कोई गलती नहीं है, ये साली किस्मत ही खराब है”
कम्पटीशन में फेल हुए तो – मेरे हालात अच्छे नहीं थे,,,, “मेरी कोई गलती नहीं है यार मेरे उस समय हालात अच्छे नहीं थे”

अच्छी नौकरी नहीं मिली तो – यार माँ बाप ने ज्यादा पढ़ाया नहीं,,,,”मेरी कोई गलती नहीं है माँ बाप ने ज्यादा पढ़ाया होता तो आज अच्छी नौकरी होती”

कभी किसी से लड़ाई हुई तो – मैंने तो कुछ किया ही नहीं,,,, “मेरी तो कोई गलती थी ही नहीं मैंने कुछ नहीं किया वही लड़ रहा था”

बहाने बनाते बनाते हम ऐसे हो गए हैं कि हमें अपनी गलतियां दिखाई ही नहीं देती| हम सारा दोष दूसरों पर डाल के अपना पल्ला झाड़ देते हैं कि मेरी कोई गलती नहीं|

सच कहूं तो ये बहाना आपको सफल होने से रोक रहा है| जो भी गलती हुई उसमें खुद की गलती मानिए और अपनी कमियों को सुधारिये| कमियों पर पर्दा डालकर आप खुद की कमियां कभी दूर नहीं कर पाएंगे| अपनी कमियों को दूर करना है तो खुद की गलती मानिए तभी आप खुद में सुधार कर पाएंगे| जब आप खुद की गलती मानेंगे ही नहीं तो सुधार कभी होगा ही नहीं और आप कल भी असफल थे और कल भी असफल ही होंगे क्यूंकि आप तो बहाने बनाने में लगे हैं|

हालात, किस्मत या दूसरों को दोष मत दीजिये और अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि –
             “नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते हैं
        सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैं
        कश्तियाँ बदलने की जरूरत नहीं
       दिशा को बदलो किनारे खुद ब खुद बदल जाते हैं”

विवाह के सात वचन – सात फेरो के सातो वचन in hindi

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विवाह के साथ एक नए जीवन का आरम्भ होता है, हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में विवाह को भी स्थान दिया गया है. और इनमें से हर संस्कार आज भी प्रासंगिक है. हिन्दू विवाह पद्धति में सात फेरे और सात वचन होते हैं. अगर इन सातों वचनों को जीवन भर निभाया जाए, तो वैवाहिक जीवन हमेशा सुखमय रहेगा. दूल्हा और दुल्हन विवाह के समय एक-दूसरे से सात वचन लेते हैं. ज्यादातर लोगों ने सात फेरों के बारे में सुना तो है, लेकिन इन सात फेरों को कम हीं लोग जानते हैं. तो आइए जानते हैं वो सात वचन कौन-कौन से हैं.

हिन्दू विवाह के सात वचन :
1. तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या:
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी
– कन्या वर से कहती है कि यदि आप कभी तीर्थ यात्रा में जाएँ, या कोई व्रत इत्यादि करें अथवा कोई भी धार्मिक कार्य करें तो मुझे अपने बाएँ भाग में जरुर स्थान दें. यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

2. पुज्यो यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या:
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम
– दूसरे वचन में कन्या वर से वचन मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करें और परिवार की मर्यादा के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भगवान के भक्त बने रहें, यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं
तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

3. जीवनम अवस्थात्रये पालनां कुर्यात
वामांगंयामितदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं तृतीयं
– तीसरे वचन में कन्या वर से कहती है कि यदि आप जीवन की तीनों अवस्थाओं: युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था में मेरा पालन करने का वचन देते हैं. तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

4. कुटुम्बसंपालनसर्वकार्य कर्तु प्रतिज्ञां यदि कातं कुर्या:
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं चतुर्थ:
– चौथे वचन में कन्या वर से कहती है कि यदि आप परिवार का पालन-पोषण करने और परिवार के प्रति अपने सारे दायित्वों का पालन करने का वचन देते हैं, तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

5. स्वसद्यकार्ये व्यहारकर्मण्ये व्यये मामापि मन्त्रयेथा
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: पंचमत्र कन्या
– पांचवें वचन में कन्या वर से कहती है कि यदि आप अपने घर के कामों में, लेन-देन में या किसी दूसरे काम के लिए खर्च करते समय मेरी भी सलाह लेने का वचन देते हैं, तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

6. न मेपमानमं सविधे सखीना द्यूतं न वा दुर्व्यसनं भंजश्वेत
वामाम्गमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं च षष्ठम
– छठे वचन में कन्या वर से कहती है कि यदि मैं अपनी सखियों या अन्य स्त्रियों के बीच बैठी रहूँ, तो आप वहाँ सबके सामने मेरा अपमान नहीं करेंगे. आप जुआ या किसी भी प्रकार की बुरी आदतों से खुद को दूर रखेंगे. यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं, तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

7. परस्त्रियं मातूसमां समीक्ष्य स्नेहं सदा चेन्मयि कान्त कूर्या
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: सप्तमंत्र कन्या
– सातवें वचन में कन्या वर से कहती है कि आप पराई स्त्रियों को माता के समान समझेंगे और पति-पत्नी के प्रेम के बीच में किसी और को नहीं आने देंगे. यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं, तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

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चाणक्य के 15 अनमोल विचार (Chanakya Quotes)

Chanakya neeti और quotes के बारे में आज भी सभी जानना चाहते हैं। आचार्य चाणक्य (chanakya), जिन्हें हम कौटिल्य (kautilya) और विष्णुगुप्त (vishnugupta) के नाम से भी जानते हैं।

                  About Chanakya

आचार्य चाणक्य एक ऐसी शख्सियत थे जिनका नाम सुनते ही हमें अपने सुनहरे इतिहास (bright history) की याद आ जाती है, भारत की महान राजनीति (great politics) की याद आ जाती है और दिमाग में एक ऐसा प्रतिभावान इंसान (Talented person) उभर कर आता है जिसने अपने दिमाग की ताकत से ही भारत की पूरी राजनीति को ही बदल दिया था।
एक ऐसा इंसान जो हमें यह बताता है कि यदि किसी इंसान में आत्मविश्वास (self confidence) हो तो बड़े से बड़ा संकल्प को भी पूरा किया जा सकता है।
आचार्य चाणक्य ने अपने शिष्य चंद्रगुप्त मौर्य की सहायता से यूनानी आक्रमणकारियों को भारत से बाहर खदेड़ दिया और नंद वंश के अत्याचारों से पीड़ित प्रजा को भी मुक्ति दिलाई और अपने संकल्प (Resolution) को पूरा किया।
उन्होंने अपनी पुस्तक अर्थशास्त्र में अपने राजनैतिक नियमों का बहुत अच्छी तरह समझाया है। यह ऐसे नियम थे जिनका प्रयोग कम या ज्यादा रूप में बाद के सभी साम्राज्यों ने किया तथा जिनका महत्व आज भी स्वीकार किया जाता है।
कौटिल्य का नाम राजनीति, राष्ट्रभक्ति तथा उनके द्वारा किये गए लोगों की भलाई के कार्यों के लिए इतिहास में हमेशा अमर रहेगा। 2300 साल व्यतीत होने के बाद भी उनका गौरवशाली व्यक्तित्व आज भी सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत्र बना हुआ है।
चाणक्य के अनमोल वचन और नीति
आज भी कौटिल्य द्वारा दी गयीं शिक्षाएं बहुत काम की हैं। इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि चाणक्य की चाणक्य नीति (chanakya neeti) आज भी सबसे ज्यादा पढ़ी और जीवन में उपयोग की जाती है।
अतः इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज मैं आपको आचार्य चाणक्य के कुछ संदेशों
(chanakya quotes in Hindi) को बताना चाहता हूँ। कृपया इन्हें बहुत ध्यान से पढ़िए जिन्हें मैंने explain भी कर दिया है ताकि सभी की समझ में बहुत आसानी से आ जाये।
                   1st
जैसे ही भय आपके करीब आये, तुरंत उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।”
– Chanakya चाणक्य –
भय अर्थात डर (fear) हम सभी को लगता है और हम इससे जितना ज्यादा डरते हैं, वह उतना ही ज्यादा बढ़ता जाता है। अतः डर दूर करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि जैसे ही डर आपको डराये तुरंत उस वजह या समस्या (problem) को ही नष्ट कर दीजिये जिसकी वजह से डर शुरू हुआ। ऐसा करते ही डर भाग जायेगा।
                       2nd
“कोई कार्य शुरू करने से पहले खुद से तीन प्रश्न कीजिये– मैं यह क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो जाऊंगा? जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाएं, तभी आप आगे बढ़िये।”
– Chanakya चाणक्य –
हम कोई भी कार्य करें तो सबसे पहले कौटिल्य द्वारा दिए प्रश्नों के उत्तर जरूर प्राप्त कर लें। अगर एक भी प्रश्न का उत्तर आपको ऐसा मिले जो positive न हो तो कार्य बदल दें और वह कार्य चुनें जिसके लिए आपको सभी प्रश्नों के सकारात्मक उत्तर मिलें। अगर ऐसा हो जाये तो कार्य शुरू कर दें।
                       3rd
“फूलों की सुगंध केवल हवा की दिशा में फैलती है लेकिन एक इंसान की अच्छाई चारों दिशाओं में फैलती है।”
– Chanakya चाणक्य –
फूल किसको अच्छे नहीं लगते, शायद ही ऐसा कोई होगा जो फूलों की खुशबू को पसंद न करता हो लेकिन फूलों की सुगंध केवल हवा की दिशा में ही फैलती है। लेकिन एक अच्छा इंसान और उसके अच्छे काम और उसकी प्रतिभा (talent) चारों दिशाओं में सभी को पता चल जाती हैं। अतः एक अच्छे इंसान के दिल की खुशबू हवा की मोहताज नहीं होती।
                     4th
“हमें अतीत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, न ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में ही जीते हैं।”
– Chanakya चाणक्य –
जो बीत गया (past) उसके बारे में सोचने से कोई फायदा नहीं मिलने वाला और जो होने वाला है (future) उसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता लेकिन वर्तमान (present) में हम वह कार्य कर सकते हैं जिससे हम खुद खुश हो सकें और दूसरों को भी खुश रख सके। जो अपने वर्तमान को अच्छा बनाता है और उसी के बारे में सोचता है, सक्सेस उसे जरूर मिलती है।
                       5th
एक सबसे अच्छी बात जो शेर से सीखी जा सकती है, वह यह है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल से एक जोरदार प्रयास के साथ करे।”
– Chanakya चाणक्य –
शेर जब भी कोई शिकार करता है तो पूरे मन और एकाग्रता (Concentration) के साथ एक जोरदार प्रयास करता है और शिकार करने में सफलता प्राप्त करता है। यदि हम शेर से उसके इस कार्य से सबक लें कोई भी लक्ष्य (target) प्राप्त किया जा सकता है। लोग एक लक्ष्य बनाते हैं, प्रयास करते हैं लेकिन सफल बहुत कम होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उस लक्ष्य के लिए पूरे मन से लगातार प्रयास न करना है। आप कोई goal बनाइये और पूरे मन से अपना 100% उसको पूरा करने के लिए दीजिये, सफलता जरूर मिलेगी।
                       6th
दूसरों की गलतियों से भी सीख लेनी चाहिए क्योकि अपने ही ऊपर प्रयोग करने पर तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी।”
– Kautilya कौटिल्य –
आपने सुना और पढ़ा होगा कि हमें अपनी गलतियों (mistakes) से सीखना चाहिए ताकि आगे उस प्रकार की कोई गलती न करें। लेकिन हमारा जीवन इतना बड़ा नहीं है कि पहले गलती करें और उससे सीखें। इसीलिए आप दूसरे लोगों द्वारा की गयीं गलतियों से भी यदि सीख ले सके तो बहुत अधिक सीख पाएंगे और एक बड़ी सफलता (Big success) प्राप्त कर पाएंगे।
                  7th
आपका हमेशा खुश रहना आपके दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा है।”
– Kautilya कौटिल्य –
आपका कोई भी दुश्मन कभी भी आपको खुश नहीं देख सकता। वह आपको दुखी देखने के लिए कुछ भी कर सकता है क्योकि आपको दुखी देखकर उसे ख़ुशी मिलती है। इसीलिए यह कहा गया है कि यदि आप हमेशा खुश (happy) रहें तो यह आपके दुश्मन के लिए सबसे बड़ी सजा होगी जबकि आप उसे दुखी करने के लिए कुछ भी नहीं कर रहे।
                     8th
“कभी भी उनसे दोस्ती मत कीजिये जो आपसे कम या अधिक प्रसिद्ध हों, ऐसी दोस्ती आपको कभी भी ख़ुशी नहीं दे सकती।”
– Kautilya कौटिल्य –
सच कहा गया है कि दोस्ती समान लोगों से ही करनी चाहिए। यदि आपका कोई दोस्त आपसे ज्यादा पैसे वाला है तो उसकी सुख सुविधाएं और खर्चे भी आपसे ज्यादा होंगे और आपके उससे कम होंगे तो human nature है कि ईर्ष्या (Jealousy) आ ही जाती है, तब आप खुश नहीं रह पाएंगे और यदि वह आपसे कम है तो वह आपसे ईर्ष्या कर सकता है, तब भी आप उसके साथ खुश नहीं रह सकते। यह कड़वी सच्चाई है।
                        9th
“प्रश्न- भाग्य पहले से ही लिखा जा चुका है तो कोशिश करने से क्या होगा?
उत्तर- क्या पता भाग्य में लिखा हो कि कोशिश करने से ही मिलेगा।”
– Kautilya कौटिल्य –
भाग्य (luck) क्या है? सीधा सा उत्तर है सफलता ही भाग्य है। लेकिन सच यह भी है कि भाग्य खुद नहीं बनता बल्कि कर्म (Karma) द्वारा बनाना होता है। यदि आप सोचते हैं कि भाग्य लिखा जा चुका है तो वही होगा जो लिखा है। इसका मतलब कर्म करने से कोई फायदा नहीं होगा। सत्य यह है कि कर्म या कोशिश करने से ही भाग्य बनता है जो फल के रूप में हमारे सामने आता है।
                     10th
“यदि खुद कुबेर भी अपनी आय से अधिक खर्च करने लगे तो वह एक दिन निर्धन हो जायेगा।”
– Kautilya कौटिल्य –
यदि कोई व्यक्ति 20000 Rs. हर महीने कमाता है और 25000 Rs. हर महीने खर्च कर देता है तो चाहें उसके पास कुछ saving भी हो तो भी कुछ समय बाद वह कंगाल हो जायेगा। अतः समय समय पर सभी को यह सलाह दी जाती है कि अपनी earning से ज्यादा spending कभी न करे। यह ऐसा नियम है जो सभी पर समान रूप से लगता है, चाहें वह इंसान हो या देवता।
                     11th
“मूर्खों से अपनी तारीफ सुनने से अच्छा है कि आप किसी बुद्धिमान की डांट सुनें।”
– Kautilya कौटिल्य –
कोई मूर्ख व्यक्ति यदि आपकी तारीफ करे तो तुरंत सतर्क हो जाएँ क्योकि मूर्ख व्यक्ति सच्ची तारीफ करना जानता ही नहीं है, वह तो किसी लालच से झूठी तारीफ करता है जबकि एक बुद्धिमान व्यक्ति दूसरों की हमेशा भलाई चाहता है। उसकी डांट में भी कुछ न कुछ अच्छाई जरूर छुपी होगी। अतः मूर्खों से तारीफ से बुद्धिमान की डांट सुनना बेहतर है।
                     12th
“जब आप किसी काम की शुरुआत करें, तो असफलता से न डरें और उस काम को न छोड़ें। जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वह सबसे प्रसन्न होते हैं।”
– Chanakya चाणक्य –
जब भी लक्ष्य तय करें तो बहुत सोच समझ कर करें और जब एक बार लक्ष्य बना लें तो उसे कभी न छोड़ें। लक्ष्यों को पूरा करते समय बहुत सी problems सामने आती हैं, कई बार छोटी छोटी failure का भी सामना करना पड़ता है। यहाँ समझदार इंसान वही है जो परेशानियों और असफलता से न डरें और उन्हें दूर करते हुए डटे रहें, सफलता जरूर मिलेगी।
                     13th
“सारस की तरह एक बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और अपने उद्देश्य को स्थान की जानकारी, समय और योग्यता के अनुसार प्राप्त करना चाहिए।”
– Chanakya चाणक्य –
जिस तरह एक सारस जब किसी मछली का शिकार करने जाता है तो मछली को पकड़ने के लिए एकदम शांत खड़ा होता है, सांस को भी रोक लेता है और सही समय पर मछली आने पर अपनी योग्यता से उसे अपनी चोंच से पकड़ लेता है। हम सभी को भी खुद पर full control रखकर right time और right place पर अपनी ability के हिसाब से right work करना चाहिए।
                     14th
“सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है कि कभी भी अपने राज दूसरों को मत बताएं। यह आपको बर्वाद कर देगा।”
– Chanakya चाणक्य –
सभी लोगों के कुछ ऐसे राज (secrets) होते हैं जो केवल वही जानता है, चाहें वह career को लेकर हों या success को लेकर हों। हमेशा अपने यह राज किसी को नहीं बताने चाहिए। चाणक्य के अनुसार अपनी पत्नी या अपने पति को भी अपने सभी राज नहीं बताने चाहिए। अगर आपने अपने राज किसी को बता दिए तो वह व्यक्ति आपको कभी भी बर्वाद कर सकता है।
                     15th
“अगर सांप जहरीला न भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।”
– Chanakya चाणक्य –
सांप तभी तक खतरनाक होता है जब तक उसके पास जहर होता है, वरना वह एक साधारण कीड़े के समान हो जायेगा। यदि किसी सांप का जहर समाप्त भी हो जाये तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए अर्थात अपनी कमजोरी को छिपा कर रखना चहिये। अतः किसी भी व्यक्ति को अपनी कमजोरी के बारे में छिपाते हुए एक मजबूत व्यक्ति जैसा व्यवहार करना चाहिए वरना दुश्मन इसका फायदा उठा लेंगे।
“इतिहास गवाह है की नुकसान हमें दुर्जनों की दुर्जनता से नहीं हुआ, उससे ज्यादा सज्जनों की निष्क्रियता से हुआ है।”
सही कहा गया है कि बुरे लोग हमारा नुकसान तभी कर सकते हैं जब उन्हें बुरा करने से रोकने वाला कोई भी न हो। दुनिया है तो बुरे लोग भी होंगे और अच्छे लोग भी होंगे। यदि बुरे लोग पूर्ण सफल होते है तो इसका सीधा सा मतलब है कि अच्छे लोग कुछ भी नहीं कर रहे। आज तक बुरे लोग active रहकर हमारा इतना नुकसान नहीं कर पाए हैं जितना अच्छे लोगों ने active न रहकर हमारा नुकसान किया है।..
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